दिवाली क्या है ?
दिवाली, जिसे दीपावली भी कहा जाता है, एक महत्वपूर्ण हिन्दू त्योहार है जो भारत और विश्वभर के हिन्दू समुदायों द्वारा मनाया जाता है। यह आमतौर पर अक्टूबर या नवम्बर में मनाया जाता है, जो चाँद्रिक पंचांग के हिसाब से होता है। दिवाली प्रकाश की जीत को और अंधकार के खिलाफ और अच्छाई की जीत को सिंबोलाइज करता है।
यहां दिवाली का एक संक्षेपिक विवरण है:
1. **महत्व**: दिवाली के कई पौराणिक और सांस्कृतिक किस्से जुड़े हुए हैं। सबसे प्रसिद्ध किस्सों में से एक है भगवान राम का लंका के राक्षस राजा रावण को पराजित करके अयोध्या लौटने का किस्सा, जो अच्छाई की जीत का प्रतीक है। यह दिवाली के दिन भगवान कृष्ण के नरकासुर को पराजित करने के दिन के रूप में भी मनाया जाता है।
2. **प्रकाश का त्योहार**: लोग दिवाली के मौके पर तेल के दीपक (दिये), मोमबत्तियाँ और अपने घरों को रंगीन रंगोली डिज़ाइन से सजाकर अंधकार के खिलाफ प्रकाश की जीत का प्रतीक दिखाते हैं।
3. **पूजा**: दीवाली के दौरान कई हिन्दू देवताओं की पूजा करते हैं, जैसे कि धन और समृद्धि की देवी लक्ष्मी, विघ्नहर्ता भगवान गणेश, और अन्य। यह प्रार्थना करने और आशीर्वाद मांगने का समय होता है।
4. **तोहफे देना**: दिवाली के दौरान तोहफे और मिठाई की आपसी विनम्रता का पर्वर्ती हिस्सा है। यह दोस्तों और परिवार के सदस्यों के प्रति प्यार और शुभकामनाओं का एक तरीका है।
5. **पटाखे**: पटाखों का दिवाली के जश्न में महत्वपूर्ण हिस्सा है, जो रंगीन प्रदर्शनों के साथ रात को प्रकाशित करते हैं।
6. **भोजन**: परिवार दिवाली के दौरान विशेष व्यंजन और मिठाई बनाता है। स्वादिष्ट खाना प्यार किया जाता है, जिसे प्यार किए जाने वालों और पड़ोसियों के साथ साझा किया जाता है।
7. **सफाई और सजावट**: दिवाली से पहले घरों को ठीक से सफाई देते हैं और उन्हें खुशामद करने के लिए सजाते हैं, ताकि धन की देवी, लक्ष्मी, का स्वागत किया
दिवाली का मनाने का मुख्य कारण है इसका महत्वपूर्ण धार्मिक और सांस्कृतिक पर्व होना। यह कुछ मुख्य कारण हैं:
अच्छाई की जीत: दिवाली का महत्वपूर्ण पर्व है जो अच्छाई की जीत को सिंबोलाइज करता है। इसमें भगवान राम के लंका के राक्षस राजा रावण पर विजय का किस्सा होता है, जिससे अच्छाई और धर्म की विजय का प्रतीक है।
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